कुछ रिश्ते मौसम से होते हैं
कुछ रिश्ते मौसम से होते हैं, धूप ज़रा सी बढ़े, तो मन भी प्यासा हो जाता है। तभी रसोई के किसी कोने से, एक खुशबू धीरे से आवाज़ देती है… Herbaqua शुण्ठी की गरमाहट, खस की ठंडी साँस, नागरमोथा की सादगी, रक्तचंदन की नरमी, नेत्रबाला और पित्तपापड़ा का अपनापन… जैसे मिट्टी ने, एक घूंट में…





